देश में पिछले कुछ दिनों से पीएनबी घोटाला और रोटोमैक घोटाला सुर्खियों में है। इन घोटालों से देश के बैंकों को करोड़ों का चूना तो लगा ही है, देश के आम लोगों को भी इससे नुकसान हुआ है। पिछले कुछ समय में देश में हुए बैंक घोटाले और सरकार के घाटे की वजह से हर देशवासियों की जेब से करीब 8 हजार रुपए निकल रहे हैं।देश के हालात चौंकाने वाले
भारत का हाल अगर सुनेंगे तो ये काफी चौंकाने वाले हैं. देश में इस साल सरकार का वित्तीय घाटा करीब 6 लाख करोड़ रुपए का है. अगर आसान भाषा में समझे तो 130 करोड़ की आबादी के हिसाब से हर देशवासी पर 4615 रुपए का कर्ज चढ़ गया है। रही सही कसर बैंक घोटालों और एनपीए ने पूरी कर दी है। बैंकों को खोखला होने से बचाने में सरकारी का पैसा जा रहा है, जाहिर है रकम भले सरकारी है पर जिस जेब से जा रही है वो तो हमारी है।एनपीए और घोटालों में बड़ी रकम खर्च
भारत में सरकारी खजाने पर इतना बोझ है कि बोनस की बात तो छोड़ दीजिए। इस साल के बजट के मुताबिक वित्तीय घाटे के अलावा बैंकों के एनपीए और घोटालों में बड़ी रकम खर्च हो रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 तक सरकारी बैंकों का खराब लोन 7 लाख 34 हजार करोड़ रुपए था और ये लगातार बढ़ता ही जा रहा है। 130 करोड़ भारतीयों में इसे बांटे तो हर किसी के हिस्से में 5600 रुपया आएगा।
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