जब रावण मरेगा मन का

हर साल दहन करे हैं पुतला रावण का
सच्चाई तो यह है रावण मरा न मन का
हो-हल्ला खूब, खर्चा बड़ा करें धन का
इतना होते भी तो रावण मरा न मन का

त्रेतायुगी रावण ने किया सीता हरण था
उसकी मौत का तो बस यही कारण था
आज देखो हर बंदा करता है चीर हरण
कब दहन होगा इन कलियुगी रावण का

लेते प्रण त्याग   करेंगे बुरे आचरण का
जब पुतला फूंकें हैं हर साल रावण का
लेकिन कभी  सोचा क्या हुआ प्रण का
आज भी तो  वह रावण मरा न मन का

क्या ये बुरे पे भले  की जीत का क्षण था
तो छोड़ दो पुलता दहन करना रावण का
वायु प्रदूषण होगा और कुछ नहीं रविन्द्र
बदलाव तभी है जब रावण मरेगा मन का

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