👉👉👉👉👉 उंगली

आज कल गलतियां करने के बाद भी लोग अपनी गलतियों को मानने के लिए तैयार नहीं होते हैं, लेकिन किसी से अपनी गलती को छुपाने के लिए लड़ाई-झगड़ा करने के लिए तैयार रहते हैं। आखिर लोगों की मानसिकता पूर्ण रूप से संकीर्ण हो चुकी है। या फिर लोगों को अच्छे कार्य पसंद नहीं होते। आखिर कब तक हम अपनी गलतियों को छुपाने के लिए दूसरों को निशाना बनाते रहें। कोई न हम अपनी गलतियों में सुधार करते हैं। हर कार्य के लिए दूसरे व्यक्ति पर उंगली उठाना कहां तक उचित है। कभी किसी ने अपने अंदर झांक कर देखा है।
जहां तक दूसरों के कार्यों पर उंगली उठाने की बात है कि हम हमेशा एक उंगली के साथ दूसरे की ओर इशारा करते हैं कि आप गलत हो, लेकिन हमारी 4 ऊंगलियां हमारी ओर ही इशारा करती हैं कि आप खुद गलत हो। लेकिन अपनी गलती कौन मानता है। हम तो दूसरों को गलत ठहराने में लगे हुए हैं कि दूसरा ही गलत है। अगर समाज को  सही दिशा में ले जाने के लिए कार्य करना चाहते है तो पहले अपने अंदर की कमियों को दूर कीजिए उसके बाद दूसरों की गलतियों की ओर इशारा करो।
कहा भी जाता है कि समाज को सुधारने के लिए पहले खुद को सुधारो, उसके बाद अपने परिवार को, फिर अपने सांप्रदाय को, तब जाकर आप अपने समाज को सुधारने का कार्य कर सकते हो। दिखावे के लिए तो हम आज सोशाल मीडिया पर बड़े से बड़े कार्य करने के दावे करके झूठी प्रशंसा बटोर लेते हैं, लेकिन कहीं न कहीं हमारा खुद का दिल ही कहता है कि हमने उक्त कार्य में क्या दिखावा किया है और क्या नहीं किया है।

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