अश्वनी गुप्ता।
कांगड़ा विधान सभा के चुनाव में अब मुख्यता 3 ही उमीदवार है ! एक तो मौजूदा विधायक ,एक पूर्व विधायक और एक निर्दलीय ! इस में देखा गया की पूर्व विधायक की तरफ लोगों का झुकाव है साथ ही कांग्रेस का अब विरोधी खेमा पूरी तरह से भाजपा के पूर्व विधायक के पक्ष में उतरता दिख रहा है ! जो कांग्रेसी अभी कांग्रेस के परछूटि उम्मीदवार जो की मौजूदा विधायक था और आखरी समय तक भाजपा टिकट हासिल करने की जोड़ तोड़ करता रहा लेकिन जब भाजपा में बात ना बनी तो अपने खेवन हार मुख्यमंत्री की कृपा से बिना कांग्रेस की टिकट के आवेदन और सदस्य्ता के ही टिकट हासिल कर लिया जिस से दशकों से कांग्रेस के साथ चले नेता और कार्यकर्त्ता आहत हुए !
अब ऐसा क्या था की मुख्यमंत्री की क्या मज़बूरी या स्वार्थ था की सीट हारे या जीते लेकिन टिकट मौजूदा गैर कांग्रेसी विधायक को दे दी ! इस का जवाब तो अब बेहतर स्थानीय कांग्रेसी नेता ,कार्यकर्त्ता और वोटर ही देंगे ! जो कुछ कांग्रेसी मौजूदा विधायक जो धक्के से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहा है के साथ भी चले है क्या वोह दिल से है या दिखावा और शालावा क्यों की यह भी चर्चा है की इन को शिमला से फ़ोन कर साथ देने को कहा गया और एक धरमसाला वाले साहिब ने घर घर जा के प्रमुख कॉंग्रेस्सिओं को इस के साथ चलने को कहा ! इस कारन मुझे लगता है की वोह भी अनमने हो के इस के साथ सड़क तक ही हैं बूथ के अंदर नहीं वोट कहीं और ही जाएंगे !
अब आते हैं की विधायक के कथन पर की उस के साथ ज्यादातर पंचायतों के प्रधान है ,लेकिन क्या प्रधान बूथ में किसी को मजबूर कर पाएंगे की किसे वोट देना है सड़क पर तो जोर जबरदस्ती से गाड़ी में दाल के भीड़ इकठी कर देंगे लेकिन वोट नहीं दिलवा पाएंगे और बहुत से प्रधान तो साफ़ कहते हैं की वोह तो मज़बूरी में आपने काम करवाने के लिए विधायक का साथ दिखावे के लिए कर रहे है जैसा दबाब बना विधायक काम करवाता है इसे चुनाव में जवाब देंगे क्या ऐसे साथी मौजूदा विधायक के सच में साथी हो के वोट दिलवा पाएंगे ! ऐसा नहीं लगता
अब आज़ाद उमीदवार जिन की पारिवारिक पृष्ठ भूमि ही कांगरेसी क हमदर्दी उन के साथ होगी और इस वक़्त उन्हें लोगों का समर्थन भी अधिक है तो जाहिर सी बात है की काँगड़ा में मौजूदा विधायक की सिथति डावांडोल हो चुकी है सिर्फ गिनी चुनी पंचायतों और गिने चुने लोग ही उस के साथ है ! विश्लेषण यह कह रहे है की मुख्यता अब सीधी टक्कर आज़ाद उमीदवार डॉक्टर राजेश जो असली कांग्रेसी है और भाजपा के संजय चौधरी में है ! मौजूदा विधायक जो कभी इधर कभी उधर होते रहे तथा सदा धाम लगाने तक और भीड़ मैनेज करने तक ही सिमित हो चूके है ! वोट बूथ के अंदर आज़ाद उमीदवार और संजय को ही पड़ेंगे !


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