राजनीति में समाजसेवा को समझने के लिए सबसे पहले समाज को समझना बहुत जरूरी है। आखिर समाज है क्या? अगर आप समाज को समझ जाते हो तो राजनीति में समाजसेवा करने के लिए आने की बात कहने वाले नेताओं के भाव को आसानी से समझ सकते हैं। समझ सकते हैं कि यह नेता लोग राजनीति के चुनावी दंगल के दौरान आखिर समाजसेवा शब्द को ही प्रयोग क्यों करते हैं? बार-बार यही सुनने को मिलता है कि मैं राजनीति में स्वार्थ के लिए नहीं समाज सेवा के लिए आ रहा हूँ।
सबसे पहले समाज को समझना जरूरी है कि आखिर समाज क्या है?
समाज कुछ लोगों का समूह है। यह किसी जाति, वर्ग, धर्म और दल से जुड़ा हुआ भी माना जा सकता है। यह ऐसे लोगों का समूह है जो एक-दूसरे के साथ परस्पर जुड़ा हुआ है। यानी लोगों का एक-दूसरे के साथ हित जुड़े हुए हैं। उन हितों की पूर्ति कैसी की जाए इसके लिए लम्बी योजना तैयार करनी पड़ती है। उदाहरण के लिए समाज से पहले हम अपने परिवार को ही लेते हैं। अगर परिवार में कोई नया कार्य शुरू करना है तो इसके लिए पहले चरणबद्ध तरीके से योजना तैयार की जाएगी। उस योजना में उस कार्य को पूरा करने के लिए कई तरह के तर्क-वितर्क दिए जाएंगे। आखिर में जो निष्कर्ष निकलेगा उसी के आधार पर कार्य किया जाएगा।
समाज कुछ लोगों का समूह है। यह किसी जाति, वर्ग, धर्म और दल से जुड़ा हुआ भी माना जा सकता है। यह ऐसे लोगों का समूह है जो एक-दूसरे के साथ परस्पर जुड़ा हुआ है। यानी लोगों का एक-दूसरे के साथ हित जुड़े हुए हैं। उन हितों की पूर्ति कैसी की जाए इसके लिए लम्बी योजना तैयार करनी पड़ती है। उदाहरण के लिए समाज से पहले हम अपने परिवार को ही लेते हैं। अगर परिवार में कोई नया कार्य शुरू करना है तो इसके लिए पहले चरणबद्ध तरीके से योजना तैयार की जाएगी। उस योजना में उस कार्य को पूरा करने के लिए कई तरह के तर्क-वितर्क दिए जाएंगे। आखिर में जो निष्कर्ष निकलेगा उसी के आधार पर कार्य किया जाएगा।
अब समाजसेवा क्या है?
किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए उस कार्य में योगदान देने वाले लोगों के कार्य को सेवा माना जाता है। जो लोग किसी समाज के विकास के लिए कार्य करेंगे वह समाजसेवी कहलाए जाएंगे और कहलाए जाते हैं। समाज में रहने वाले लोगों के उत्थान हेतु दिन-रात मेहनत करने वाला व्यक्ति समाजेसवी है। उसके कार्य से बहुत से लोगों को फायदा होगा। वह कार्य अधिक से अधिक लोगों के हितों से जुड़ा हुआ होगा तो वह समाज सेवा का कार्य हुआ।
तो यह राजनीति क्या है?
यह राजनीति बहुत ही प्रभावशाली प्रक्रिया है। जैसे कि पहले कह चुका हूँ कि परिवार के किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए योजना बनाई जाती है तो उस योजना को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार की जाती है। वही राजनीति है। किसी कार्य को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार करने के बाद उसको आमलीजामा पहनाया जाए तो उसको रणनीतिक तौर पर पूरा किया गया कार्य कहा जाता है। राजनीति समाज के संगठित जीवन का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण क्रियाकलाप है। सामान्यत: यदि हम यह बताने की कोशिश करें कि समग्रता के स्तर पर देखें तो सामाजिक या राजनीतिक चिंतन के बिना जीवन कठिन है तो छूटते ही उत्तर मिलेगा कि नहीं, आप गलत हैं। लोग अपने आर्थिक तथा राजनीतिक क्रियाकलाप में जैसा व्यवहार करते हैं वैसा क्यों और कैसे करते हैं। इसका व्यवस्थित अध्ययन करना आवश्यक है। राजनीति का अध्ययन यही करने की कोशिश करता है और राजनीतिक व्यवहार लगभग पूर्ण रूप से आर्थिक तथा सामाजिक व्यवहार से जुड़ा हुआ है।
यह राजनीति बहुत ही प्रभावशाली प्रक्रिया है। जैसे कि पहले कह चुका हूँ कि परिवार के किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए योजना बनाई जाती है तो उस योजना को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार की जाती है। वही राजनीति है। किसी कार्य को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार करने के बाद उसको आमलीजामा पहनाया जाए तो उसको रणनीतिक तौर पर पूरा किया गया कार्य कहा जाता है। राजनीति समाज के संगठित जीवन का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण क्रियाकलाप है। सामान्यत: यदि हम यह बताने की कोशिश करें कि समग्रता के स्तर पर देखें तो सामाजिक या राजनीतिक चिंतन के बिना जीवन कठिन है तो छूटते ही उत्तर मिलेगा कि नहीं, आप गलत हैं। लोग अपने आर्थिक तथा राजनीतिक क्रियाकलाप में जैसा व्यवहार करते हैं वैसा क्यों और कैसे करते हैं। इसका व्यवस्थित अध्ययन करना आवश्यक है। राजनीति का अध्ययन यही करने की कोशिश करता है और राजनीतिक व्यवहार लगभग पूर्ण रूप से आर्थिक तथा सामाजिक व्यवहार से जुड़ा हुआ है।
राजनीति में आकर समाज सेवा क्या है?
आपको इतनी सारी बातें बता दी हैं तो अब शायद समझ आ ही गया होगा कि राजनीति में आकर समाजसेवा करने का उद्देश्य क्या है। जैसा मैं ऊपर कह चुका हूँ कि समाज कुछ लोगों का समूह है और समाजसेवा का तात्पर्य उसके उत्थान के लिए किए जाने वाले कार्यों से है। और राजनीति तो सामाजिक और आर्थिक हितों से जुड़ा हुआ इनका समुचित रूप है। राजनीति में आकर समाजसेवा करने का मतलब यह हुआ कि नेता अपने समूह के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात कर रहा है। चाहे उसके लिए कुछ भी कर गुजरना पड़ जाए। समाजसेवा के उद्देश्य से राजनीति में आने वाले लोग कई घोटाले करने अपने वर्ग के लिए उत्थान के लिए कार्य करते हैं और कर रहे हैं। तो अब आप क्या समझे कि यह नेता लोग अक्सर राजनीति में आकर ही समाजसेवा की बात क्यों करते है?
अगर समाजसेवा करनी ही है तो उसके लिए राजनीति में आना जरूरी है। चलो छोड़ो यह बात अब आप पर छोड़ता हूँ कि यह जरूरी है या नहीं..................

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