हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर की अगुवाई में भाजपा की नई सरकार ने सता संभाल ली है। और देवभूमि हिमाचल प्रदेश में बुधवार से राम राज्य की शुरुआत हो गई। हिमाचल विधानसभा चुनावों भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर चली माथापची के बाद ठाकुर जयराम मुख्यमंत्री बन ही गए। बुधवार को ठाकुर जयराम ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली। उनके शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी पहुंचे। देवभूमि की राजधानी शिमला में बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जयराम ठाकुर को 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद की गोपनीयता शपथ दिलाई। शिमला के रिज मैदान में आयोजित शपथ समारोह मे जयराम के शपथ लेते ही पूरा पंडाल जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। जयराम के साथ 11 मंत्रियों को भी पद की गोपनियता की शपथ दिलाई गई।जयराम के मंत्री मंडल में 7 नए चेहरे
हिमाचल की नई सरकार में सीएम जयराम ठाकुर को मिलाकर कुल 12 मंत्री होंगे। मंत्रीमंडल में 6 नए चेहरों को जगह दी गई हैं। जिन लोगों को टीम जयराम में जगह मिली है, उनमें सुरेश भारद्वाज, महेंद्र सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, सरवीण चौधरी, डॉ. रामलाल मार्कंडेय, वीरेंद्र कंवर, विपिन सिंह परमार, डॉ. राजीव सहजल, गोविंद सिंह ठाकुर व विक्रम सिंह शामिल हैं। इनमें डा. राजीव सहजल, विक्रम सिंह, डा. रामलाल मार्कंडेय, विपिन सिंह परमार, वीरेंद्र कंवर, गोविंद सिंह आदि नए चेहरे शामिल किए गए हैं।
भाजपा शासित राज्यों के सीएम भी पहुंचे
भाजपा शासित राज्यों के सीएम भी जयराम ठाकुर की ताजपोशी में पहुंचे। इनमें यूपी के योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के त्रिवेन्द्र रावत, हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर, गोवा के मनोहर पर्रिकर व महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फण्डवीस भी पहुंचे।
जानें जयराम ठाकुर के बारे में 10 बातें
1. जयराम मंडी के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी के दिनों में ही राजनीति में कदम रखने का फैसला किया।
2. छात्र जीवन के दौरान जयराम ठाकुर एबीवीपी के समर्पित कार्यकर्ता थे और वह संघ के करीबी माने जाते हैं और वह राजपूत समुदाय से आते हैं।
3. 1986 में एबीवीपी में संयुक्त सचिव बने और 1993 से 1995 तक भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव और प्रदेश अध्यक्ष भी बने।
4. 2004 से 2005 तक भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे और 2006 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने।
5. जयराम ठाकुर ने 28 वर्ष की उम्र में पहली बार 1993 में चाचिओट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। वह 800 वोटों के अंतर से पहला चुनाव हार गए थे, लेकिन बीजेपी नेतृत्व का ध्यान अपनी तरफ खींचने में कामयाब रहे।
6. 1998 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीते और 1998 से अब तक लगातार पांच बार विधायक।
7. वोटबैंक और अपने समर्थकों का आधार बढ़ाने की उनकी क्षमता ही थी कि 2007 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया। जयराम ठाकुर के प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी ने यह चुनाव लड़ा था और धूमल सरकार में मंत्री बने।
8. ठाकुर ने 2010 से 2012 तक धूमल सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री के तौर पर काम किया।
9. जयराम ठाकुर के नेतृत्व में पार्टी पहली बार अपने दम पर इस पहाड़ी राज्य में सत्ता में आई और प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने।
10. हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े जिले मंडी से जयराम ठाकुर पहले विधायक हैं, जो मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनावों में मंडी जिले की 10 सीटों में से 9 पर जीत हासिल कर इतिहास रचा है।

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